menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अश्रु दुःखाभिभूताय़ा मम मार्जस्व भारत |  २९   क
आत्मनश्चैव भद्रं ते कुरु मानं कुलस्य च ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति