menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
आख्यातवानहं तेभ्यस्तदा कुशलिनं नृपम् |  ५७   क
तच्चैव सर्वमाचक्षं यन्मां दुर्योधनोऽव्रवीत् |  ५७   ख
ह्रदं चैवाहमाचष्ट यं प्रविष्टो नराधिपः ||  ५७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति