menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अपि वज्रधरः साक्षात्किमुतान्ये धनुर्भृतः |  ७   क
त्रय़ाणामपि लोकानां समर्थ इति मे मतिः ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति