menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मुसलानीव निष्पेतुः परिघा इव चेषवः |  ३२   क
शतघ्न्य इव चाप्यन्ये वज्राण्युग्राणि वापरे ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति