menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्य वाणसहस्रैस्तु प्रच्छन्ना ह्यभवन्मही |  २   क
परांश्च सिषिचे वाणैर्धाराभिरिव पर्वतान् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति