menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो राजा पाण्डवो हृष्टरूपः; श्रुत्वा वाक्यं सत्यवत्याः सुतस्य |  ३६   क
मनश्चक्रे तेन वित्तेन यष्टुं; ततोऽमात्यैर्मन्त्रय़ामास भूय़ः ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति