menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१०
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
अचरन्त तपस्तीव्रं पुत्रार्थे वहुवार्षिकम् |  २   क
पुत्रं लभेम धर्मिष्ठं यशसा व्रह्मणा समम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति