menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यथोर्णनाभिः परिवर्तमान; स्तन्तुक्षय़े तिष्ठति पात्यमानः |  ४७   क
तथा विमुक्तः प्रजहाति दुःखं; विध्वंसते लोष्ट इवाद्रिमर्च्छन् ||  ४७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति