menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यच्चास्य वाणं विकृतं धनूंषि च विशां पते |  १२७   क
सर्वं सञ्छिद्य दुर्धर्षो गदां खड्गमथापि च ||  १२७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति