menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
एष रौद्रश्च सङ्घातो महान्युक्तश्च तेजसा |  ३२   क
सोमस्य वह्निसूर्याभ्यामद्भुतोऽय़ं समागमः |  ३२   ख
जनय़ेद्यं सुतं सोमः सोऽस्या देव्याः पतिर्भवेत् ||  ३२   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति