menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१३
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
स शैलं मानसं गत्वा ध्याय़न्नर्थमिमं भृशम् |  ६   क
शुश्रावार्तस्वरं घोरमथ मुक्तं स्त्रिय़ा तदा ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति