menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सा तदा विपुला शक्तिः क्षिप्ता तेन महात्मना |  ३४   क
विभेद शिखरं घोरं श्वेतस्य तरसा गिरेः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति