menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
स्कन्दं श्रुत्वा ततो देवा वासवं सहिताव्रुवन् |  १३   क
अविषह्यवलं स्कन्दं जहि शक्राशु माचिरम् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति