menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
यदि वा न निहंस्येनमद्येन्द्रोऽय़ं भविष्यति |  १४   क
त्रैलोक्यं संनिगृह्यास्मांस्त्वां च शक्र महावलः ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति