menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सर्वास्त्वद्याभिगच्छन्तु स्कन्दं लोकस्य मातरः |  १६   क
कामवीर्या घ्नन्तु चैनं तथेत्युक्त्वा च ता यय़ुः ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति