menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१५
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
षड्भिरेव तदा जातमाहुस्तद्वनवासिनः |  ६   क
सप्तर्षीनाह च स्वाहा मम पुत्रोऽय़मित्युत |  ६   ख
अहं जाने नैतदेवमिति राजन्पुनः पुनः ||  ६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति