menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
chevron_left
chevron_right
वलिरु उवाच
नाहं तदनुशोचामि नात्मभ्रंशं शचीपते |  ३१   क
एवं मे निश्चिता वुद्धिः शास्तुस्तिष्ठाम्यहं वशे ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति