menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २१८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
शतक्रतुरथापश्यद्वलेर्दीप्तां महात्मनः |  १   क
स्वरूपिणीं शरीराद्धि तदा निष्क्रामतीं श्रिय़म् ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति