menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सोऽभिषिक्तो मघवता सर्वैर्देवगणैः सह |  २३   क
अतीव शुशुभे तत्र पूज्यमानो महर्षिभिः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति