menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः कनकपुङ्खानां शराणां नतपर्वणाम् |  २५   क
धनुश्च्युतानां विय़ति ददृशे वहुधा व्रजः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति