menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१९
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
धनिष्ठादिस्तदा कालो व्रह्मणा परिनिर्मितः |  १०   क
रोहिण्याद्योऽभवत्पूर्वमेवं सङ्ख्या समाभवत् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति