menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
स्त्र्यु उवाच
तय़ा चाहमनुज्ञातो भवांश्चापि प्रकीर्तितः |  १६   क
श्रावितश्चापि तद्वाक्यं गृहमभ्यागतः प्रभो ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति