अनुशासन पर्व  अध्याय २२

भीष्म उवाच

कन्यां तां प्रतिगृह्यैव भार्यां परमशोभनाम् |  १९   क
उवास मुदितस्तत्र आश्रमे स्वे गतज्वरः ||  १९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति