menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सहदेवे महाराज मा प्रमादं कृथाः क्वचित् |  १०   क
एष मामनुरक्तो हि राजंस्त्वां चैव नित्यदा ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति