menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
इति तस्य निशम्याहं सारथेः करुणं वचः |  ६   क
अवेक्षमाणो यन्तारमपश्यं शरपीडितम् ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति