menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
अस्तम्भनीय़ं युधि मन्यमानं; ज्याकर्षतां श्रेष्ठतमं पृथिव्याम् |  २५   क
सर्वोत्साहं क्षत्रिय़ाणां निहत्य; प्रसह्य कृष्णस्तरसा ममर्द ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति