menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
तमसह्यं केशवं तत्र मत्वा; सुग्रीवय़ुक्तेन रथेन कृष्णम् |  २७   क
सम्प्राद्रवंश्चेदिपतिं विहाय़; सिंहं दृष्ट्वा क्षुद्रमृगा इवान्ये ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति