menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
उद्वर्तय़िष्यंस्तव पुत्रसेना; मतीव रौद्रं स विभर्ति रूपम् |  ११   क
अनाय़ुधो यः सुभुजो भुजाभ्यां; नराश्वनागान्युधि भस्म कुर्यात् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति