menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पाञ्चालानां नरव्याघ्रो यः ख्यातो जनमेजय़ः |  ४४   क
तस्य सर्षपपुष्पाणां तुल्यवर्णा हय़ोत्तमाः ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति