menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तन्मूलः स महाराज प्रावर्तत जनक्षय़ः |  २२   क
त्वय़ा सञ्जनितोऽत्यर्थं कर्णेन च विवर्धितः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति