आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ३६

व्रह्मो उवाच

प्रवृत्त्यात्मकमेवाहू रजः पर्याय़कारकम् |  ९   क
प्रवृत्तं सर्वभूतेषु दृश्यतोत्पत्तिलक्षणम् ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति