menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तदिदं समनुप्राप्तं क्षत्तुर्हितकरं वचः |  ३७   क
इति सञ्चिन्त्य राजासौ नोत्तरं प्रत्यपद्यत ||  ३७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति