menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
प्रहरन्तो यथाशक्ति यावत्प्राणस्य धारणम् |  ७८   क
योधाः परिपतन्ति स्म वमन्तो रुधिरं व्रणैः ||  ७८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति