menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
व्राह्मणैः कारय़िष्यन्ति वृषलाः पादधावनम् |  ११२   क
शूद्राश्च व्राह्मणीं भार्यामुपय़ास्यन्ति निर्भय़ाः ||  ११२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति