शान्ति पर्व  अध्याय २२१

भीष्म उवाच

नारदानुगतः साक्षान्मघवांस्तामुपागमत् |  १६   क
कृताञ्जलिपुटो देवीं निवेद्यात्मानमात्मना ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति