menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
chevron_left
chevron_right
श्रीरु उवाच
उत्सूर्यशाय़िनश्चासन्सर्वे चासन्प्रगेनिशाः |  ६३   क
अवर्तन्कलहाश्चात्र दिवारात्रं गृहे गृहे ||  ६३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति