menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
chevron_left
chevron_right
श्रीरु उवाच
पिता चैव जनित्री च श्रान्तौ वृत्तोत्सवाविव |  ७२   क
अप्रभुत्वे स्थितौ वृद्धावन्नं प्रार्थय़तः सुतान् ||  ७२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति