menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
chevron_left
chevron_right
श्रीरु उवाच
अग्निदाहेन चोरैर्वा राजभिर्वा हृतं धनम् |  ७७   क
दृष्ट्वा द्वेषात्प्राहसन्त सुहृत्सम्भाविता ह्यपि ||  ७७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति