आदि पर्व  अध्याय १६६

गन्धर्व उवाच

कल्माषपाद इत्यस्मिँल्लोके राजा वभूव ह |  १   क
इक्ष्वाकुवंशजः पार्थ तेजसासदृशो भुवि ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति