आदि पर्व  अध्याय १४६

व्राह्मण्यु उवाच

तौ विहीनौ मय़ा वालौ त्वय़ा चैव ममात्मजौ |  २०   क
विनश्येतां न सन्देहो मत्स्याविव जलक्षय़े ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति