menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
त्वमिवैषां सुभद्रा च प्रीत्या सर्वात्मना स्थिता |  १२   क
प्रीय़ते भावनिर्द्वन्द्वा तेभ्यश्च विगतज्वरा ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति