menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
chevron_left
chevron_right
युधिष्ठिर उवाच
आद्यन्तं सर्वभूतानां श्रोतुमिच्छामि कौरव |  १   क
ध्यानं कर्म च कालं च तथैवाय़ुर्युगे युगे ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति