menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अनुज्ञातस्तु गान्धारिः कर्णेन सहितस्तदा |  २३   क
निर्ययौ भरतश्रेष्ठो वलेन महता वृतः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति