कर्ण पर्व  अध्याय ४५

भीम उवाच

प्रत्यनीके व्यवस्थाप्य भीमसेनमरिन्दमम् |  ६९   क
सन्दिश्य चैव राजेन्द्र युद्धं प्रति वृकोदरम् ||  ६९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति