menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ८०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्राद्भुतं परं चक्रे कौन्तेय़ः कृष्णसारथिः |  ३४   क
यदेको वहुभिः सार्धं समागच्छदभीतवत् ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति