menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
इत्युक्तः प्राह सुग्रीवो भ्रातरं हेतुमद्वचः |  २८   क
प्राप्तकालममित्रघ्नो रामं सम्वोधय़न्निव ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति