menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
त्वय़ा सारथिना ह्येष अप्रधृष्यो भविष्यति |  १८   क
देवतानामपि रणे सशक्राणां महीपते |  १८   ख
किं पुनः पाण्डवेय़ानां मातिशङ्कीर्वचो मम ||  १८   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति