आदि पर्व  अध्याय १९१

वैशम्पाय़न उवाच

कृष्णा च क्षौमसंवीता कृतकौतुकमङ्गला |  ३   क
कृताभिवादना श्वश्र्वास्तस्थौ प्रह्वा कृताञ्जलिः ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति