menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवं पश्यामि वार्ष्णेय़ चिन्तय़न्प्रज्ञय़ा स्वय़ा |  ४६   क
विदुरस्य च वाक्येन चेष्टय़ा च दुरात्मनः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति