menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवं स नाराचगणप्रतापी; शरार्चिरुच्चावचतिग्मतेजाः |  ६२   क
ददाह सर्वां तव पुत्रसेना; ममृष्यमाणस्तरसा तरस्वी ||  ६२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति